नए फ्लैट की शुरुवात जनवरी2020

कुछ नई ,कुछ पुरानी यादों के साथ हुआ 2020 का प्रारम्भ
         मई 2014 से दिसंबर 2019 तक का ये सफर अब पेनारामिक अपार्टमेंट देवाली मे ही समाप्त होता है।इन साढ़े 5 साल मे इस फ्लैट के साथ कई यादे जुड़ी है।इस फ्लैट मे मुझे कई प्रकार के अनुभव  प्राप्त हुए।यहाँ आने के बाद मुझे कई देवी देवताओं के दर्शन प्राप्त हुए और विशेषतौर से श्री कृष्ण जी से साक्षात्कार हुआ।यहाँ इन सालो मे मैंने कई देव दर्शन करे।कई प्रकार के धार्मिक आयोजन करे।इस अपार्टमेंट मे आने के बाद मुझे मेरी खोई हुई एक सहेली से वापस मुलाकात हुई जो मुझे ब्यूटी पार्लर खोलने के दौरान मिली थी,लेकिन पार्लर बंद करने के बाद 4 साल इससे वापस मेरा मिलना नहीं हो पाया और जब मैं 2014 मे इस पेनारामिक अपार्टमेंट मे आई थी तब एक दिन रास्ते मे वापस इससे मुलाकात हुई और तब से आज तक इससे मेरा संपर्क बना रहा।इसका नाम सविता है और ये बहुत अच्छी और ईमानदार है।दिल की बहुत अच्छी है,और ऐसे लोगो से मेरा रिश्ता हमेशा मजबूत रहता है।
जब भी मैं ब्यूटी पार्लर के काम से फ्री हो जाती,हम मिलकर भजन करते और भगवान के गानों पर खूब नाचते।
ये साढ़े पांच साल मुझे जीवन भर ईश्वर की याद दिलाता रहेगा।यहाँ से जाने का मन नहीं था,पर मकान मालिक को घर चाहिए था तो खाली करना पड़ रहा है।पर कोई बात नहीं।परिवर्तन ही तो प्रकति का नियम है और मैं अकेली कहाँ जा रही हु।इस घर की हर यादों,हर सपनो के साथ,ईश्वर के आशीर्वाद के साथ जा रही हु।श्री कृष्ण जी ने यहाँ तक सफर तो पार करा दिया है और अब आगे भी उन्हीं के भरोसे जा रही हु।जब भरोसा उनका किया है तो नैया पार हो ही जाएगी,इसी विश्वास के साथ अपने नए पड़ाव की और बढ़ती हु।
आज 1 जनवरी है।कल शाम तक सारा सामान जम चुका था।मेरी छोटी बहनों ने  घर जमाने मे बहुत मदद करवाई है।दोनों बहनें घर को व्यवस्थित करने मे बहुत माहिर है।हर सामान को इतने सलिखे से जमाया है कि लग ही नहीं रहा है कि एक दिन मे जमाया है,ऐसा लग रहा गई कि कई सालों से ये सामान यहीं पड़ा हुआ हो।और मेरे सभी भतीजे और भांजों ने तो कमाल ही कर दिया।ये छोटे छोटे बच्चे लगातार दो दिन से काम कर रहे है फिर भी कहीं कोई थकावट की शिकन नहीं है इनके चेहरे पर।खूब मस्ती मे सब लोग काम कर रहे है।तीन दिन से मेरे भाभी अपने घर से खाना बनाकर भेज रहे है
मेरी बहन के पति राजेश जी तो तीन चार दिन से अपनी दुकान बंद करके मेरा घर जमवाने मे मेरी मदद कर रहे है और साथ मे उनके एक दोस्त जिनका नाम योगेश भैया है,वो भी गाड़ी मे सामान ला रहे है और चढ़वा रहे है क्योंकि इस फ्लैट मे लिफ्ट नहीं  है।ये सब ईश्वर की किसी शक्ति से कम नहीं लग रहे थे।
शाम को 6 बजे मेरी एक और छोटी बहन इंद्रा और उसके पति राकेश जी दोनो कृष्ण जी की नई मूर्ति के साथ मेरे फ्लैट पर आए।वो दोनों मेरे लिए एक कृष्ण जी की मूर्ति उपहारस्वरूप लेकर आयेकरीबन 7 बजे हम सबने उस मूर्ति का पैकेट खोला और सब जने साँवरिया सेठ की जय बोलते हुए जैसे ही उस मूर्ति को  पैकेट से बाहर निकाला कि एकदम से लाइट चली जाती है,और वो मूर्ति ऐसे लग रही थी मानो अंधेरे मे प्रकाश की एक किरण बनकर साक्षात भगवान प्रकट हुए हो।और आश्चर्य तो तब हुआ जब मूर्ति जैसे ही स्थापित की और तुरंत लाइट आ गई।सब कुछ जादू लग रहा था।ऐसा जादू जिसकी व्याख्या करना ही असम्भव था।
नए साल का ये पहला दिन जीवन भर स्मरण रहेगा।
अब 5 जनवरी तक ये सब बच्चे मेरे यहाँ ही रहेंगे क्योंकि 4 तारीख को भजन और छोटा सा प्रोग्राम रखा है।
आगे की कहानी के लिए देखते रहिये मेरे ब्लॉग पोस्ट

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